बाबा नकोदर दास जी के ब्रह्मलीन होने के पश्चात उनके पुत्र बाबा अभय राम जी ने गद्दी का कार्यभार संभाला और बाबा नकोदर दास जी के पदचिह्नों पर चलते हुए अपना जीवन मानवता के सेवा में व्यतीत कर दिया।