अपने पिता बाबा लक्ष्मीधर जी की मृत्यु पश्चात बाबा श्रीशचन्द्र जी B.A. LL.B जी ने पढ़ाई पूर्ण कर गद्दी का कार्यभार संभाला वर्ष 1995 से सरल व्यक्तित्व के स्वामी बाबा श्रीशचन्द्र जी ने अपना जीवन अपने पिता और अपने पूर्वजों द्वारा स्थापित मूल्यों को समर्पित कर गद्दी का चहुमुखी विकास पर समर्पित कर दी। उन्होंने नई पीढ़ी को जीवन के मानवीय मूल्यों पर प्राथमिकता देने का मूल मन्त्र सिखाया और साथ ही बुराईयों से दूर रहने के लिए समाज के निरन्तर प्रयत्न करते रहें। एक सच्चे गृहस्थी सन्त की तरह भी गद्दी के अनुयायियों को सत्कर्म की तरह जीवन भर प्रेरित करते रहे। अपने जीवनकाल में गरीब लोगों की मदद करना और धर्म के कार्यों की तरफ प्रेरित करते हुए 17.01.2019 को अपनी सांसारिक यात्रा पूर्ण की।